rohit_420

My Real Life
2017-12-07 15:58:56 (UTC)

Poem to neha

वो शरमाना तुम्हारा,
हाय, दिल जलाता हैं....!

यूँ शरमा कर नज़रे झुकाना तुम्हारा,
हाय, दिल जलाता हैं....!

यूँ नज़रे झुकाकर सामने से चले जाना तुम्हारा,
हाय, दिल जलाता हैं....!

यूँ थोड़ा दूर जाकर वापस मुड़ जाना तुम्हारा,
हाय, दिल जलाता हैं....!

यूँ मुड़ कर मुस्कुराना,
हाय, दिल जलाता हैं....!

यूँ मुस्कुरा कर दिल जलाना तुम्हारा,
हाय, दिल जलाता हैं....!

बस यूँ समझ लो, ये इश्क़ जताना तुम्हारा,
हाय, दिल जलाता हैं....!

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